बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल को उनके एक फैसले को लेकर मिल रहीं धमकियों पर अब देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत ने संज्ञान लिया है। CJI ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्रिटेन के अपने आधिकारिक दौरे पर लंदन में स्थित भारतीय उच्चायुक्त के सामने यह मुद्दा उठाया। जस्टिस सूर्यकांत ने इस दौरान जस्टिस पटेल और उनकी बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। गौरतलब है कि हाल ही में जस्टिस गौतम पटेल ने खुलासा किया है कि 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय को लेकर सुनाए गए एक फैसले को लेकर अब धमकियां मिल रही हैं और लंदन में उनकी बेटी को निशाना बनाया जा रहा है।
मामला सामने आते ही यूके दौरे पर गए CJI सूर्यकांत ने तुरंत भारतीय उच्चायुक्त पी. कुमारन से संपर्क किया। यहां भारतीय उच्चायुक्त ने CJI को जस्टिस पटेल और उनके परिवार की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। CJI ने यह भी बताया कि लंदन पुलिस ने पूर्व जज के परिवार के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं CJI सूर्यकांत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भी उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है।
बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी की तीखी निंदा
इस बीच, बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी पूर्व जज को डराने-धमकाने की आलोचना की है। एसोसिएशन ने इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून के शासन पर एक सीधा हमला बताया। बयान में कहा गया कि किसी पूर्व जज से जबरन वीडियो बनवाकर फैसला बदलवाने की मांग करना बेहद निंदनीय है और दोनों देशों की जांच एजेंसियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
जस्टिस पटेल ने किया खुलासा
जस्टिस गौतम पटेल ने हाल ही में खुलासा किया था कि लंदन में रहने वाली उनकी बेटी के घर पर धमकी भरे पत्र भेजे जा रहे हैं। उनके मुताबिक उन्हें यह धमकियां दाऊदी बोहरा से जुड़े ऐतिहासिक फैसले के लिए मिल रही हैं। फैसले में जस्टिस पटेल ने सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को दाऊदी बोहरा समुदाय का 53वां आध्यात्मिक गुरु घोषित किया था। फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने अपील दायर की गई है।
फैसला वापस लेने का दबाव
"फैसला देने के करीब डेढ़ साल बाद पूर्व जज को धमकी भरे पत्र भेजे गए हैं। इसमें जस्टिस पटेल पर दबाव में आकर फैसला सुनाने का आरोप लगाया गया है। पत्रों के जरिए मांग की गई है कि जस्टिस पटेल यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड करें, जिसमें वे सार्वजनिक रूप से यह कहें कि उन्होंने गलत फैसला दिया था। जस्टिस पटेल का कहना है कि मुंबई में उन पर सीधे हमला नहीं किया गया क्योंकि यहां तुरंत पुलिस एक्शन होता, इसीलिए अब उनकी जगह यूके की नागरिक उनकी बेटी को लंदन में निशाना बनाया जा रहा है।"
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